युष्मद् शब्द रूप You in Sanskrit

युष्मद् शब्द के सभी विभक्तियों में रूप – अगर इस तालिका को देखा जाएं तो द्वितीया, चतुर्थी और षष्ठी विभक्ति के रूपों में कुछ वैकल्पिक (optional) रूप भी हो सकते हैं। बहुत जगहों पर त्वाम् के स्थान पर त्वा (ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे), तुभ्यम् के स्थान पर ते (नमस्ते = नमः ते) ऐसे उदाहरण … Read more

अव्ययीभाव समास (संस्कृत)

संस्कृत भाषा में च, अपि, इति, अधुना, अत्र, तत्र, उपरि, अधः, प्रति, यथा, तथा। ये ऐसे शब्द हैं जिन्हे अव्यय इस नाम से जाना जाता है। और अव्यय इस शब्द का अर्थ होता है कभी भी ना बदलने वाला। चाहे कोई भी लिंग हो, वचन हो, विभक्ति हो; ये शब्द बिल्कुल भी नहीं बदलते। ठीक … Read more

एकशेष द्वन्द्व समास

यह लेक द्वन्द्व समास की शृंखला का तीसरा लेख है। इस से पूर्व हम ने दो लेख पढ़े हैं जिन में हम ने क्रमशः इतरेतर द्वन्दव समास और समाहार द्वन्द्व समास का अध्ययन किया था। इस लेख में हम एकशेष द्वन्द्व समास का अध्ययन करने वाले हैं। एकशेष द्वन्द्व समास के स्वरूप की कल्पना समझने … Read more

संस्कृतेन समासः PPT pdf

अभी यहाँ बिजली चली जाने से हिन्दी में टाईपिंग नहीं हो पा रही है।इसी लिए अब पिछले वर्ष की ही समास की सामग्री दे रहा हूँ।सारी संस्कृत में है। परन्तु आशा है कि समझ में आ जाए। इन में समास प्रकरण के अनेकों उदाहरण अभ्यास (प्रॅक्टिस) के लिए मिल सकते हैं। जो छात्र यहाँ से … Read more

समाहार द्वन्द्व समास

इससे पूर्व हम ने द्वन्द्व समास की शृंखला में इतरेतर द्वन्द्व समास का अध्ययन किया है। जिस में हम ने देखा था कि यदि एक ही वाक्य में दो या दो से ज्यादा पद एक ही विभक्ति में आते हैं और च इस अव्यय से आपस में संबंधित होते हैं तो उन का इतरेतर द्वन्द्व … Read more

इतरेतर द्वन्द्व समास – संस्कृत

संस्कृत भाषा में द्वन्द्व समास के तीन प्रकार हैं – इतरेतर द्वन्द्व समास समाहार द्वन्द्व समास एकशेष द्वन्द्व समास आज हम इस लेख में इतरेतर द्वन्द्व समास के बारे में पढ़ेंगे। इतरेतर द्वन्द्व समास कब और किन पदों में होता है? जब एक ही विभक्ति में दो या दो से ज्यादा पद एक ही विभक्ति … Read more